1
/
of
2
meri anubhootiyan
meri anubhootiyan
Regular price
Rs. 200.00
Regular price
Sale price
Rs. 200.00
Unit price
/
per
Tax included.
Couldn't load pickup availability
पुस्तक में अधिकतर रचनाएं स्वांतः सुखाय के लिए लिखी गई हैं ।जो देखा, मन को छुआ,अनुभव किया, लिख दिया ।
जो भोगा वही लिखा , यथार्थ को ही लिपिबद्ध किया,जैसे "कुम्हार " रचना-एक विवाह में गई थी ,वहां चाक पूजन होता देखा । उसी को दार्शनिक जामा पहनाया,कुम्हार के प्रति इतना आदर भाव देखकर मन भावुक हो गया और लिख दिया। "एक बूढ़ा चेहरा "-एक बुजुर्ग की जिंदगी देखी तब लिखा। "व्हाट्सएप" तो रोज की जिंदगी में आप सब भी अनुभव करते हैं। "मां" के ऊपर तो जितना लिखा जाए कम है। "रिश्ते" और "सावन" आज की कड़वी सच्चाई है। यथार्थ ही मेरी कविता की पहचान बन गई है ।
SKU:9789375275992
View full details
