1
/
of
2
तुम लौट कर कभी मत आना...
तुम लौट कर कभी मत आना...
Regular price
Rs. 180.00
Regular price
Sale price
Rs. 180.00
Unit price
/
per
Tax included.
Couldn't load pickup availability
"तुम लौट कर कभी मत आना" केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि एक आत्मिक यात्रा है—वह यात्रा जहाँ शब्द भावनाओं का रूप धरते हैं और संवेदनाएँ अर्थों का संसार रचती हैं। यह संग्रह उन अनुभवों का प्रमाण है जिन्हें मन अक्सर कह नहीं पाता, परंतु चुपचाप जीता रहता है। यहाँ आत्ममंथन की बेचैनी है, अस्तित्व की खोज है, और जीवन को उसके सूक्ष्मतम रूप में समझने का प्रयास भी। हर कविता एक प्रश्न की तरह जन्म लेती है और एक उत्तर की तरह ठहर जाती है। पाठक जब इन पंक्तियों से गुजरता है, तो वह केवल कवि की दुनिया में प्रवेश नहीं करता, बल्कि अपने भीतर की अनकही परतों को भी पढ़ने लगता है।
यह संकलन संवेदनशीलता का दर्पण है, जहाँ हर शब्द आत्मा की तहों में उतरकर उसे नया उजाला देता है। यह वही साहित्यिक अनुभव है जो मन को स्थिर भी क
SKU:9789373146409
View full details
