1
/
of
2
बस यूँ ही
बस यूँ ही
Regular price
Rs. 150.00
Regular price
Sale price
Rs. 150.00
Unit price
/
per
Tax included.
Couldn't load pickup availability
" बस यूँ ही " एक प्रयास है, अपने जहन में उठते खयालों के मोतियों को एक माला में पिरोने का। हम सभी के साथ अक्सर ऐसा होता है कि हमारे भीतर कई तरह की भावनाएं, कई तरह की संवेदनाएं, कई तरह के अनुभव हिलोरे खा रहे होते है किन्तु शब्दों के अभाव के कारण हमारी ज़ुबां पर नहीं आ पाते। मैंने भी अपने स्वयं के उन भावनाओं को कविताओं का रूप देने का प्रयास किया है।
कविताएं मुझे व्यक्तिगत रूप से अपनी बात को कहने का एक सुंदर ज़रिया लगती हैं - मानो मैंने किसी विषय से संबंधित अपनी सारी अनुभूतियों को समेट कर कम शब्दों में इनमें सुरक्षित कर दिया और इन्हें पढ़ने पर पुनः वे सारी अनुभूतियों पलकों पर तैरने लगती है। अपने अनुभवों को सभी से साझा करने का यह मेरे लिए स्वर्णिम साधन है।
SKU:9789373144221
View full details
