{"product_id":"9798904401955","title":"दहेज पर वाद","description":"मैं इस ग्रंथ को संसार तथा समाज की उन समस्त स्त्रियों को समर्पित करता हूँ, जिन्होंने श्रेष्ठ मानवों को अपने गर्भ में धारण किया, उन्हें पाला-पोसा और इस संसार के उत्थान के योग्य बनाया है—चाहे वह एक माँ के रूप में हों, एक बहन के रूप में, एक पत्नी के रूप में अथवा एक पुत्री के रूप में! \nइन सभी ने अपने उत्तरदायित्वों के निर्वाह में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी; किंतु आज दहेज के इस घृणित और विकृत स्वरूप के कारण हमने एक ओर जहाँ उनके कंधों पर उत्तरदायित्वों का भारी पहाड़ लाद दिया है, वहीं दूसरी ओर उनके मूल अधिकारों और उन उत्तरदायित्वों के बदले मिलने वाले स्वाभाविक सम्मान को भी उनसे छीन लिया है।","brand":"विधान ओझा","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":53585720541496,"sku":"9798904401955","price":406.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9798904401955_front.jpg?v=1793085711","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9798904401955","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}