{"product_id":"9798904401115","title":"दरारों से झाँकती रोशनी","description":"हर मन में कुछ भाव अनकहे रह जाते हैं, कुछ अनुभव यादों में बस जाते हैं और कुछ संवेदनाएँ शब्दों का रूप लेकर कविता बन जाती हैं। उषा लाल की कविताओं का यह संग्रह जीवन के इन्हीं विविध रंगों और मन के अनगिनत भावों की अभिव्यक्ति है। आशा और निराशा, सुख और दुःख, जीवन के अनुभव और स्त्री मन की संवेदनाएँ, इन रचनाओं में सहज रूप से अभिव्यक्त हुई हैं।\nयह संग्रह पाठकों को अपने भीतर झाँकने और उन भावनाओं से जुड़ने का अवसर देता है, जिन्हें हम अक्सर महसूस तो करते हैं, पर शब्द नहीं दे पाते।","brand":"उषा लाल","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":53401239748920,"sku":"9798904401115","price":190.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9798904401115_front.jpg?v=1792421355","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9798904401115","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}