{"product_id":"9798900816883","title":"श्रद्धा सुमन","description":"\"श्रद्धा सुमन\" में साधक के अंतर्मन की यात्रा अनेक रूपों में व्यक्त हुई है—कामना से आत्मनिवेदन तक, अहंकार से समर्पण तक और विषमता से समदर्शिता तक। कहीं प्रभु अंतर्यामी, साकार करुणा और मधुराधिपति के रूप में विराजमान हैं, तो कहीं सद्गुरु, गुरुपादुका और अंतर्ज्योति के रूप में मार्ग आलोकित करते हैं। भक्तिभाव, प्रेमाश्रु, याचना और आराधना के स्वर आत्मोत्सर्ग, नवनिर्माण और कलुष-भंजन की ओर ले जाते हैं। पर्वो में भी अध्यात्म की झलक मिलती है। कहीं मौन, कहीं सौम्यता और करुणा; तो कहीं “मत हो उदास सखे” जैसा आत्मीय संबोधन जीवन में प्राण भरता है। अंततः यह संपूर्ण काव्ययात्रा प्रभु-कृपा और प्रेमभक्ति के माध्यम से प्रभु के यशोगान के लिए लेखनी में गति की याचना करने से लेकर आरती सम्पन्न होने तक विनम्र साधना है।","brand":"इंदु शंकर मित्तल","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52249289294136,"sku":"9798900816883","price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_0f4a9e91-ddff-4c54-bf82-f7e1134e5dc5.png?v=1776925276","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9798900816883","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}