{"product_id":"9798900812632","title":"धूप के गांव में साये","description":"'धूप के गांव में साये'  कविता के धरातल पर अवतरित सुभाष प्रेमी 'सुमन' की तीसरी पुस्तक है जिसमें उनकी अठासी रचनाएं ( हिंदी ग़ज़लें एवं गीत ) सम्मिलित हैं। इन रचनाओं में जहां सादगी और शालीनता से ओतप्रोत  यौवन की अनुरक्ति की अभिव्यक्ति छलकती है तो वहीं, दूजी ओर, आधुनिकता के प्रति उदासीनता और आक्रोश की भावनाएं एवं समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता झलकती है। गीतों में गेयता एवं लयात्मकता प्रखर है तो ग़ज़लों में परंपराओं के निर्वाह के साथ-साथ प्रयोगात्मकता का प्रयास भी मुखर है।","brand":"सुभाष प्रेमी 'सुमन'","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51678365286712,"sku":"9798900812632","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_bbe018dc-25ff-4838-bb09-8ec016b18a6d.png?v=1769772976","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9798900812632","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}