{"product_id":"9798900811420","title":"देह रुकी, मन बह चला","description":"यह संग्रह महज़ कविताएँ नहीं, बल्कि रिश्तों, आत्मखोज और प्रेम की उन यात्राओं का नक्शा है जिन्हें हम सब अपने भीतर कहीं न कहीं जीते हैं। ये कविताएँ जीवन को घटनाओं से आगे ले जाकर उन बारीक अहसासों तक पहुँचाती हैं, जहाँ हर चोट एक सीख बनती है और हर मिलन एक संभावना।\nइन कविताओं में प्रेम है, दूरी है, लौटने की चाह है और भीतर के सत्य से मिलने की ज़िद भी। यह किताब पाठक को ऐसा आईना देती है जिसमें वह अपने अनकहे भावों को पहचान सके।\nअगर आपने कभी किसी को चाहा है, खोया है या खुद को खोजा है— यह संग्रह आपके दिल के सबसे गहरे हिस्से को छू लेगा।","brand":"रविकान्त राऊत","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52240589095224,"sku":"9798900811420","price":180.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_1f2c8aea-a346-4a00-8e10-9740f98ca9dc.png?v=1776752432","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9798900811420","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}