{"product_id":"9798898654344-1","title":"दो लाइनों में","description":"\nख़ामोशियों की अपनी जुबान होती है, उसको बोलने और सुनने के लिए चेहरे और नज़रों को समझने का नज़रिया होना जरूरी है। कम बोलना, अधिक सुनना व्यक्तित्व विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी होता है, लेकिन अपने भावों को कम शब्दों में व्यक्त कर पाना आसान नहीं होता। प्रस्तुत पुस्तक में मेरे द्वारा जीवन के बहुमूल्य अनुभवों को दो लाइनों में प्रस्तुतीकरण का प्रयास किया गया है। कोई भी जब इन पंक्तियों से दिल से रूबरू होगा तो मेरा विश्वास है कि वह इन दो लाइनों के बीच में थोड़ी देर के लिए ही सही, विचारों की खोज यात्रा पर अवश्य निकलेगा‌ । इन लाइनों के बीच की यात्रा में अनगिनत मंजि़लें छिपी हुई हैं जो सफर पर निकले राही की अंतर्दृष्टि तथा दूरदर्शिता की गुणवत्ता पर निर्भर करेंगीं। ","brand":"डा० हरीश चन्द्र जोशी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52240590143800,"sku":"9798898654344","price":300.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_2c98c9af-0af3-4cd1-9a23-e2505beff9dc.png?v=1776752443","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9798898654344-1","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}