{"product_id":"9789376669530","title":"जो रह गया, वही कविता है","description":"\nकुछ सवाल ऐसे होते हैं\nजिनके जवाब हम ढूँढते नहीं,\nबस उनके साथ जीना सीख जाते हैं।\n\nयह कविता-संग्रह उन्हीं सवालों, एहसासों और उन छोटी-छोटी बातों की यात्रा है, जिन्हें हम अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।\n\nकभी एक घड़ी वक़्त का अर्थ पूछती है,\nकभी एक कुर्सी खालीपन समझाती है,\nकभी भीड़ में खड़ा इंसान अपनी ही कहानी से मिल जाता है।\n\nइन कविताओं में कोई अंतिम उत्तर नहीं है।\nबस कुछ सवाल हैं, कुछ अधूरी बातें हैं और कुछ ऐसे एहसास हैं, जिनमें शायद आपको अपना कोई हिस्सा दिखाई दे।\n\nशायद ये कविताएँ मेरी हैं,\nलेकिन इनमें कुछ आपका भी हो।","brand":"चेतन मावले","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52987651981624,"sku":"9789376669530","price":189.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9789376669530_front.jpg?v=1789723871","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789376669530","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}