{"product_id":"9789376660698","title":"गुनगुनाहट","description":"पुस्तक परिचय: गुनगुनाहट\n\"गुनगुनाहट\" सिर्फ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक सिविल इंजीनियर और संगीत-प्रेमी हृदय की आत्मीय पुकार है। यह पुस्तक जीवन की उलझनों, मन और मस्तिष्क के द्वंद्व और दिल के अहसासों को बड़ी सादगी से पन्नों पर उतारती है।\nपुस्तक की आत्मा इन पंक्तियों में बसती है:\n\"धरि ताक, किया लाक, विवेक दिया मार।\"\n\"कोशिशें, अनलाक कर, एक्टिव करूं फिर यार।।\"\nये कविताएँ आपको सिखाती हैं कि कैसे कोशिशों से बंद दरवाज़ों को खोलकर, जीवन की आपाधापी में खोए विवेक को फिर से जगाया जाता है। पियानो की सुरीली धुनों और शब्दों के संगम से सजी \"गुनगुनाहट\" आपके दिल को एक अनूठा सुकून देगी।\nआइए, इस शांत और सुरीली यात्रा का हिस्सा बनें।","brand":"इंजी. जोधन सिंह राजपूत 'कवि'","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":53068067176760,"sku":"9789376660698","price":249.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9789376660698_front.jpg?v=1790888755","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789376660698","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}