{"product_id":"9789376429509","title":"माटी जब आकाश लिखती है","description":"‘माटी जब आकाश लिखती है’ हरियाणा की मिट्टी, मन और बदलते समय की संवेदनाओं को शब्द देती कविताओं का संग्रह है। यह केवल एक प्रदेश का चित्रण नहीं, बल्कि उसकी माटी से जुड़े जीवन, संस्कृति, संघर्ष, सपनों और संभावनाओं की काव्यात्मक यात्रा है।\n\nइन कविताओं में गाँव की पगडंडियाँ हैं, खेतों की खुशबू है, किसान का श्रम है, बेटियों के सपने हैं, युवाओं की उड़ान है और शिक्षा व कौशल के माध्यम से बदलते हरियाणा की नई पहचान है। परंपरा और आधुनिकता के बीच संवाद करती ये रचनाएँ उस हरियाणा को सामने लाती हैं जो अपनी जड़ों को सँजोते हुए नए क्षितिजों की ओर बढ़ रहा है।\n\n‘माटी जब आकाश लिखती है’ उस विश्वास की अभिव्यक्ति है कि जब मिट्टी में सपने जन्म लेते हैं, तो वे एक दिन आकाश को भी अपनी कहानी लिखना सिखा देते हैं।","brand":"प्रो.ज्योति राणा","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52987700642104,"sku":"9789376429509","price":226.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9789376429509_front.jpg?v=1789725122","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789376429509","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}