{"product_id":"9789376426812","title":"प्रियदर्शनी","description":"यह मैं उन्हें प्रियदर्शनी के लिए लिख रहा हूं जिनसे संभवत में कभी नहीं मिल पाऊंगा \n\nयह कविता मुख्यतः मैं हिंदुस्तानी खड़ी बोली भाषा में ही लिखा है लेकिन इसमें मैं ब्रज, अवधि, राजस्थानी, उर्दू और फारसी के भी कुछ शब्द जुड़े हैं \n\nऐसी कविताओं को लिखने की प्रेरणा मुझे भारतीय इतिहास के कुछ महान संतों से मिली है जैसे कि मीराबाई, कबीरदास, तुलसीदास, रविदास, सूरदास आदी \n\nअगर आप इन कविताओं को पढ़ेंगे तो कुछ स्थानों पर आपको उनकी झलक महसूस हो सकती है\n\nयह पूर्ण रूप से मुक्त छंद में लिखी गई है परंतु इनमें से अधिकतर को दोहा के करीब लाने का प्रयास किया गया है","brand":"अनंतदास","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52921561809208,"sku":"9789376426812","price":216.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9789376426812_front.jpg?v=1788849788","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789376426812","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}