{"product_id":"9789376424368","title":"विविधा","description":"‘विविधा’ अपने नाम के अनुरूप विविध भावों, अनुभूतियों और विषयों से सजी काव्य-रचनाओं का संग्रह है। जीवन कभी प्रेम बनकर स्पंदित होता है, कभी विरह में ठहर जाता है; कभी प्रकृति के रंगों में खिलता है, तो कभी सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और आत्मचिंतन के प्रश्नों से संवाद करता है। इन्हीं अलग-अलग मनःस्थितियों और जीवनानुभवों को शब्दों में सँजोने का प्रयास है—‘विविधा’।\nइस संग्रह की कविताएँ किसी एक विषय अथवा भावभूमि में बँधी नहीं हैं। इनमें प्रेम और विरह की कोमल अनुभूतियाँ हैं, प्रकृति का सौंदर्य है, रिश्तों की आत्मीयता है, जीवन का यथार्थ है, सामाजिक चेतना है, दर्शन और अध्यात्म की अनुभूति है, तो कहीं लोकजीवन और संस्कृति की सहज सुगंध भी है।\n‘विविधा’ वस्तुतः जीवन के अनेक रंगों को कविता में देखने का ए","brand":"छैल श्री हरिप्रिया 🚩","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52892536799544,"sku":"9789376424368","price":1000.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9789376424368_front.jpg?v=1788278202","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789376424368","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}