{"product_id":"9789375437093","title":"मैं हूँ आरम्भ","description":"यह काव्य संग्रह प्रकृति, प्रेम और सामाजिक सरोकारों का एक ऐसा संगम है, जो मानवीय संवेदनाओं की गहराई को टटोलता है। इसमें जहाँ एक ओर प्रकृति के सौम्य रूप और उसकी भव्यता का चित्रण है, वहीं दूसरी ओर हृदय को झकझोर देने वाली प्रेम की अनुभूतियाँ और विरह की गूँज है। लेखक ने केवल व्यक्तिगत भावनाओं तक स्वयं को सीमित नहीं रखा है, बल्कि अपनी कविताओं के माध्यम से समाज की विसंगतियों और व्यवस्था पर भी तीखी मगर सार्थक टिप्पणी की है।\nइस पुस्तक की हर कविता पाठक को एक नए भाव-लोक में ले जाती है—कभी यह एकांत में स्वयं से संवाद करती महसूस होती है, तो कभी समाज के दर्पण में सच का सामना कराती है। मानवीय भावनाओं के हर रंग को शब्दों में पिरोता यह संग्रह हर उस पाठक के लिए है जो साहित्य में गहराई और सच्चाई की तलाश करता ह","brand":"स्वप्निल सौरभ सुभेदार (नागपुरवाला)","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52352647659832,"sku":"9789375437093","price":180.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/1772559096025_9789375437093_front.png?v=1778477049","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375437093","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}