{"product_id":"9789375434306","title":"जज़्बातों के आशियाने","description":"ये कविताएं उन जीवनों और कहानियों से उभरी हैं जो उन्होंने देखी और महसूस की हैं। हर एक कविता एक अलग दौर एक अलग जज़्बात है। शुरुआत से अंत तक यह किताब आपका थोड़ा सा नज़रिया बदल ही देगी। यह बातें आपको कुछ सिखाने या समझाने से कोसो दूर है। सबसे पहली कोशिश इस किताब से कुछ महसूस कराने की है। जब आप और हम कुछ समझ पाएंगे तभी तो कुछ लिख तभी तो कुछ कह पाएंगे।     ","brand":"प्रो. बलराज सिंघ 'राज'","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52403455918392,"sku":"9789375434306","price":249.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/9789375434306_front.jpg?v=1779258279","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375434306","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}