{"product_id":"9789375433934","title":"अंतराल","description":"‘अंतराल’ एक काव्य-संग्रह है, जो उन अनकहे पलों, अधूरी बातों और भीतर चल रहे मौन संवादों को शब्द देता है, जिन्हें हम अक्सर महसूस तो करते हैं, पर कह नहीं पाते। यह पुस्तक स्वयं से स्वयं तक की उस यात्रा को उकेरती है, जहाँ इंसान अपने ही भीतर के खालीपन, सवालों और सच्चाइयों से सामना करता है। गल्प संग्रह *अनेकांत* के बाद यह उनकी दूसरी किताब है। इस संग्रह की कविताएँ सरल भाषा में गहरी भावनाओं को छूती हैं कभी ठहराव की तरह, कभी बेचैनी की तरह, और कभी एक शांत स्वीकार की तरह। ‘अंतराल’ केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि वह स्थान है जहाँ पाठक अपने अनुभवों, अपनी चुप्पियों और अपने सत्य को पहचान सकता है। यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है, जो कभी अपने ही भीतर कहीं खो गया हो और फिर खुद को ढूंढने की कोशिश की हो।\n","brand":"Smitarani Patra","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52275902021944,"sku":"9789375433934","price":215.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/1774162827342_9789375433934_front.png?v=1777455477","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375433934","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}