{"product_id":"9789375276463","title":"खोया बचपन","description":"अक्सर हम समझते हैं कि बचपन उम्र के साथ धीरे-धीरे गुज़रता है, लेकिन कभी-कभी यह एक ही पल में हाथ से छूट जाता है। जब माता-पिता का साया सिर से उठा, तो कन्धों पर खिलौनों का बोझ नहीं, बल्कि अचानक आई जवानी की ज़िम्मेदारियों और सन्नाटे का बोझ आ गिरा।\n\n\"खोया बचपन\" उन नज़्मों का एक सफ़र है, जहाँ एक लड़का रातों-रात बड़ा हो गया। इसमें वह दर्द है जो जवानी की दहलीज़ पर खड़े उस इंसान ने महसूस किया, जिसके पास अब पीछे मुड़कर देखने के लिए सिर्फ़ यादें हैं और आगे बढ़ने के लिए सिर्फ़ तन्हाई।\n\nइस संग्रह में शामिल हर शब्द उस संघर्ष की गवाही देता है, जहाँ दुनिया के सामने मुस्कुराना मजबूरी थी और कागज़ पर रोना एक सुकून। इसमें हिंदी और उर्दू के गहरे लफ़्ज़ों में पिरोई गई वह 'डार्क' शायरी है, जो आपको उस अंधेरे से रूबरू कराएगी जिसे ह","brand":"निखिल राज","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52267124031800,"sku":"9789375276463","price":165.4,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_92dc3415-d823-43d2-adc8-9a8366d619f7.png?v=1777288319","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375276463","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}