{"product_id":"9789375271918","title":"यादों के झरोखों से  Yaadon Ke Jharokhon Se","description":"\"यादों के झरोखों से\" शीर्षक यह काव्य-संग्रह कविताओं का एक गुच्छा है, जो भावनाओं की उस नाजुक डोर को थामे हुए है जिसे अक्सर हम अनदेखा कर देते हैं। इस संग्रह की पहली कविता, 'चिनगारी,' एक बीज की तरह है जो पूरे संग्रह की भावना को परिभाषित करती है – एक ऐसी छोटी-सी अग्नि जो पर्याप्त रूप से जलकर न तो उजाला कर सकी और न ही पूरी तरह बुझ पाई; वह बस सुलगती रही।\n\nये कविताएँ पाठकों से एक संवाद स्थापित करती हैं। यादों के इन झरोखों को खोलते हुए, अपने भीतर की सुलगती हुई चिनगारी को पहचानने का साहस करें। क्योंकि जीवन की सबसे सच्ची कहानियाँ वे नहीं होतीं जो पूरी हो जाती हैं, बल्कि वे होती हैं जो हमेशा अधूरी रहकर भी हमें प्रेरित करती रहती हैं। यह संग्रह आपको अपनी यादों के साथ एकांत में कुछ पल बिताने का अवसर देगा।","brand":"राम प्रसाद लाल","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52069459886392,"sku":"9789375271918","price":250.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_ccbd53fe-ed48-4231-8f0c-4df3e5e89d65.png?v=1775637236","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375271918","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}