{"product_id":"9789375107217","title":"पगों की छाया","description":"यह किताब किसी मंज़िल तक पहुँचने की कहानी नहीं है। यह उन पलों की बात करती है, जहाँ इंसान रुकता है, सुनता है, और पहली बार अपने भीतर को महसूस करता है। इन कविताओं में कोई उपदेश नहीं, कोई जोर नहीं—सिर्फ़ प्यास, ठहराव, छाया, पुकार और धीरे-धीरे बनता हुआ विश्वास है। यह किताब उन लोगों के लिए है जो चलते-चलते थक गए हैं, जवाब ढूँढते-ढूँढते खुद को भूल गए हैं, और अब बस सच के साथ थोड़ी शांति के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। यह एक यात्रा है—बाहर से भीतर की ओर, और अंत में स्वयं से मिलने की ओर।","brand":"वंशिका चावला","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52034102427960,"sku":"9789375107217","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_fc86daa3-3382-49bc-8abd-82099313b745.png?v=1775472309","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375107217","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}