{"product_id":"9789375105268","title":"में मुक्त हूँ","description":"एकदिन स्मृति से संगीत मुक्त हो जायेगा,अमर हो जायेगा.अपने साज से संगत करता रहेगा,किंतु सूर सप्तक के मिलन कि मुस्कान पुनः पाने मसक्क़त करता दिखेगा.सृष्टि का यह सनातन नियम है,वो तुम्हें जो प्रदान करेगी,वक़्त पे उन्हें लौटाना होगा.चाहे प्राण ही क्यूँ न हो.उसने अगर तुम्हें संगीत से नवाजा है,आभारी बनो.\nतुम्हारी कलम क़ो आशीष दिया है ,अहोभाग्य कि किरणों तले बिराजकर नमन करो.एकदिन तुम्हारा प्रकाश मुक्त हो जायेगा.तबतक तुम उसकि बिदाई कि रश्मे पहचान चूके होंगे.स्वीकार कर चूके होंगे कि वो परिवर्तनशील है.आज मुझमें, कल तुझमें, परसो आकाश में परत पहुंच सकता है\nमुक्त होने से पहले,अपने संगीत संग बैठकर आराधना कर लो.एक ही जीवन मिला है.दीपक समक्ष बैठो,अपने संगीत संग झूमो,उसे परवान चढ़ाकर,पुष्ट हुई गति प्रवाहित कर दो .","brand":"MANISHA KESHAV","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51876082254136,"sku":"9789375105268","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_01fbac72-0516-4a82-b53b-6cd2f1208459.png?v=1773123347","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375105268","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}