{"product_id":"9789375103646","title":"श्री कृष्ण शरणं","description":"इस पुस्तक में रचनाकार भगवान श्रीकृष्ण के साथ अपने गहरे संबंध को व्यक्त करती है। भाव यही है—\n“मैं तेरा हूँ और तू मेरा है।”\nयहाँ श्रीकृष्ण को सखा (मित्र) और मीत (साथी) के रूप में संबोधित किया गया है। साथ ही, वृंदावन में पूजित उनके प्रिय नाम बांके बिहारी की जयकार भी है।\nइस ग्रंथ में भक्त-हृदय की भाव-भक्ति और प्रेम को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत किया गया है—\nकभी परमेश्वर के रूप में,\nकभी सखा-भाव में,\nतो कभी परम प्रियतम के रूप में।\nभगवान श्रीकृष्ण मेरे सखा और मीत हैं। यह पुस्तक भक्त और भगवान के बीच उस गहरे, आत्मीय संबंध को प्रकट करती है, जो भक्ति, प्रेम और एकत्व की भावना से ओतप्रोत है।","brand":"Suchita Sinha","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51876036935992,"sku":"9789375103646","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_c00e8fff-445b-4595-af86-88b03bc94397.png?v=1773119303","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789375103646","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}