{"product_id":"9789373147710","title":"शब्द स्पर्श","description":"ए शब्द,तेरा साथ पाकर मेरे जीवन क़ो महेकता मकसद नसीब हुआ है. मेरे ह्रदय कि मिट्टी में बढ़ रहा मरुस्थल घट रहा है.फुटती कोंपले चहक रही है,फूट रही हरियाली से प्रगट होते पुष्प तितलियों क़ो बसने का न्योता भेज रहे है.\nशब्द,तुझसे जुड़ने से मेरे जीवन में मानो जादू हो रहा है. समृद्ध हो रहा मेरा प्रकाश, दिशाओ में किरने बिखेर रहा है.\nशब्द, जब तू गीत गाता है, में साज संभालती हूँ, हमारी जुगलबंदी से प्रगट संगीत से, सृष्टि अलौकिक आनंद में डूब जाती है.\nहमारे मिलन से अगर ये जीवन चहकता है तो इससे बड़ी खुशनसीबी ओर क्या हो सकती है?\n\nसप्रेम आभार","brand":"Manisha Keshav","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52240600695096,"sku":"9789373147710","price":180.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_34e8f471-fb34-41ea-baab-d4bfb1e0aafe.png?v=1776752784","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789373147710","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}