{"product_id":"9789373142159","title":"पुरखा दी मिट्टी बोले","description":"यह पुस्तक सिर्फ़ इतिहास नहीं—एक ऐसा जीवंत अनुभव है जिसे हमारे पूर्वजों ने अपनी आँखों से देखा, अपने सीने पर सहा और आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी रूह में दर्ज कर लिया।\n\n“पुरखा दी मिट्टी बोले”\n\n उन परिवारों की दास्तान है, जिन्हें 1947 के बंटवारे ने रातों-रात बेघर, बेसहारा और बिछड़ा हुआ बना दिया। यह किताब डेरा इस्माइल खान के एक शांत, समृद्ध गाँव गुलमाम से शुरू होकर, दरिया खान, मुल्तान, साहिवाल, रायविंद, लाहौर और अंत में अमृतसर तक के उस दर्दनाक सफर को सजीव करती है जिसमें हर सांस मौत से मुकाबला थी।\n","brand":"Harish Madaan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51971439722808,"sku":"9789373142159","price":400.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0860\/3648\/0312\/files\/image-1_b43e8c21-c08b-4354-be87-f9f5e99c43e5.png?v=1774342113","url":"https:\/\/store.bookleafpub.com\/products\/9789373142159","provider":"BookLeaf Publishing Bookstore","version":"1.0","type":"link"}